Children Shayari | Child Love, Attitude Shayari, Quotes, Status In Hindi

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मैंने मिट्टी भी जमा की, खिलौने भी लेकर देखे,
जिन्दगी में वो मुस्कुराहट नही आई जो बचपन में देखे.

बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो
चार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाएँगे

भले लगते हैं स्कूलों की यूनिफार्म में बच्चे
कँवल के फूल से जैसे भरा तालाब रहता है

ना कुछ पाने की आशा ना कुछ खोने का डर
बस अपनी ही धुन, बस अपने सपनो का घर
काश मिल जाए फिर मुझे वो बचपन का पहर

Sweet baby shayari in hindi

छोटे बच्चों पर इन्वेस्ट करने की
सबसे अच्छी चीज है, समय व
अच्छे संस्कार. याद रहे एक गुणवान
बालक का निर्माण सौ विधालयों के
निर्माण से बेहतर है !!

झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम
ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम

मेरे दिल के किसी कोने में, एक मासूम सा बच्चा
बड़ों की देख कर दुनिया, बड़ा होने से डरता है

हज़ारों शेर मेरे सो गये काग़ज़ की क़ब्रों में
अजब माँ हूं कोई बच्चा मेरा ज़िन्दा नहीं रहता

Chote bache ke liye status

ख्वाहिशें कम हों तो आ जाती है नींद पत्थरों पर भी,,,
वरना बहुत चुभता है मखमल का बिस्तर भी..

कुँवारे भाइयों का तो ठीक है
पर ये 3-4 बच्चों के पापा दर्द भरी शायरी कैसे करते है।

बचपन में पैसा जरूर कम था,
पर यकीन मानो उस बचपन में दम था.

ये दौलत भी ले लो,
ये शोहरत भी ले लो
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी
मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन
वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी

Bacho ki muskan pe shayari

ख़ुदा अबकी बार जो मेरी कहानी लिखना,
बचपन में ही मर जाऊ ऐसी जिंदगानी लिखना.

दिल भी इक ज़िद पे अड़ा है किसी बच्चे की तरह
या तो सब कुछ ही इसे चाहिए या कुछ भी नहीं

मैं ने हाथों से बुझाई है दहकती हुई आग
अपने बच्चे के खिलौने को बचाने के लिए

बचपन भी कमाल का था
खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें
या ज़मीन पर
आँख बिस्तर पर ही खुलती थी !!

Best status for my child in hindi

काग़ज़ की कश्ती थी पानी का किनारा था,
खेलने की मस्ती थी ये दिल अवारा था।
कहाँ आ गए इस समझदारी के दलदल में,
वो नादान बचपन भी कितना प्यारा था।

सुकून की बात मत कर ऐ दोस्त
बचपन वाला इतवार अब नहीं आता

कभी तो देख लिया करों
बुजुर्ग माँ बाप की आँखों में
वो ऐसा दर्पण है, जिनमें
बच्चें कभीं बुढ़ें नहीं होतें !!

उस आंसू से बसों जो
किसी का दिल दुखाकर
निकले हो और..
उस आसू की कदर करो
जो किसी बच्चें की आँख से
टपके हो !!

Cute bacchon ki shayari

इसीलिए तो बच्चों पर नूर बरसता है,
शरारतें तो करते है… साजिशें नहीं करते !

बचपन साथ रखियेगा जिंदगी की शाम में,
उम्र महसूस नहीं होगी सफ़र के मुकाम में.

जब थे दिन बचपन के
वो थे बहुत सुहाने पल
उदासी से न था नाता
गुस्सा तो कभी न था आता…

देखा करों कभी अपनी
माँ की आँखों में भी,
ये वो आईना हैं जिसमें
बच्चे कभी बूढ़े नही होते…

2 line shayari on masoomiyat

मुझको थकने नहीं देता ये ज़रूरत का पहाड़
मेरे बच्चे मुझे बूढ़ा नहीं होने देते”

सफ़र से लौट जाना चाहता है
परिंदा आशियाना चाहता है
कोई स्कूल की घंटी बजा दे
ये बच्चा मुस्कुराना चाहता है

खिलौनों की दुकानों की तरफ़ से आप क्यूँ गुज़रे
ये बच्चे की तमन्ना है, ये समझौता नहीं करती

किसने कहा नहीं आती वो बचपन वाली बारिश,
तुम भूल गए हो शायद अब नाव बनानी कागज़ की।

Kid Shayari, Child Shayari

कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन
सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी

चलो के आज बचपन का कोई खेल खेलें,
बडी मुद्दत हुई बेवजाह हँसकर नही देखा।

बच्चे मन के सच्चे
सारे जग के चाँद िसतारे
ये जो ननहे ननहे फुल है भगवान को लगते प्यारे

बच्चों में बड़ी ताकत होती है
आपकी सारी उलझनों व दुखों
को समाप्त करने का सामर्थ्य
होता है !!

Shayari on child

बचपन भी कमाल का था खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर आँख बिस्तर पर ही खुलती थी !!

झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम

रोने की वजह भी न थी न हंसने का बहाना था क्यो हो गए हम इतने बडे इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था…..

कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी

Child attitude shayari

ना जाने वो बच्चा किस खिलौने से खेलता है,
जो दिन भर बाजार में खिलौने बेचता है

आज ऊँगली थाम ले मेरी,
तुझे मैं चलना सिखलाऊं,
कल हाथ पकड़ना मेरा,
जब मैं बूढ़ा हो जाऊं…!!!

जरूरी नही रौशनी चिरागों से ही हो,
बेटियाँ भी घर में उजाला करती हैं…

आसमान में उड़ती एक पतंग दिखाई दी,
आज फिर से मुझ को मेरी बचपन दिखाई दी.

Children Shayari, Child love shayari, Small baby shayari

ईमान बेचकर बेईमानी खरीद ली,
बचपन बेचकर जवानी खरीद ली.

कोई मुझको लौटा दे वो बचपन का सावन
वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी

खुदा अबके जो मेरी कहानी लिखना
बचपन में ही मर जाऊ ऐसी जिंदगानी लिखना

जिंदगी फिर कभी न मुस्कुराई बचपन की तरह
मैंने मिट्टी भी जमा की खिलौने भी लेकर देखे

हंसने की भी, वजह ढूँढनी पड़ती है अब
शायद मेरा बचपन, खत्म होने को है

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